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Showing posts from March, 2019

Story Of A Success Man

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हेलो  ,  दोस्तों  ये  उस  इंसान  की  कहानी  है , जो  ये  मान  चुका  था   कि  अब  वह  कुछ  नही  कर  सकता  ,  लेकिन  अचानक  उसके  जीवन  मे  कुछ  ऐसा  मोड़  आया  जिससे  उसकी  जिंदगी  बदल  गयी । उसने  अपनी  मेहनत  से  अपनी  मंजिल  पा  ली । सतीश ( काल्पनिक  नाम )  जो  कि  एक  कपड़े  की  दुकान  पर  काम  करता  था । आमदनी  ठीक  ठाक  ही  थी  , उसके  पिताजी  एक  फोर्थ  क्लास  कर्मचारी  थे और  रिटायर  हो  चुके  थे  और  माँ  भी  थी  जो  गृहिणी  थीं । घर  में  बस  तीन  लोगों  का  परिवार  था , लेकिन  आमदनी  कोई  खास नही  थी । सारी  जिम्मेदारी  सतीश  पर ...

Story Of An Innocent Boy

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            Story Of An Innocent And Hard work Boy दोस्तों आज मैं  आपके सामने ऐसी कहानी लेकर आया हूँ जो यह बताती है कि जीवन मे कभी भी कितनी भी परेशानी आ जाये , लेकिन हमको अपने लक्ष्य से भटकना नही चाहिए। कभी कभी हमको लगता है कि ऊपर वाले ने सारी परेशानी  हमें  ही  दे  दी  हैं , लेकिन   ऐसा  नही  है।  जीवन  मे  परेशानी  तो  आती  जाती  रहती  हैं  लेकिन  जो  लौटकर  नही  आता , वह  है  समय  ।  इसलिए  समय  रहते  समय  की  कीमत  को   पहचानिए  और  अपने  लक्ष्य  को  पाने  के  लिए  जी  जान  से  महनत  करिये  । एक  गांव में  सौरभ (काल्पनिक  नाम )  लड़का  था ,  जो  बहुत  आलसी  था  । उसकी  उम्र  दस  वर्ष  थी। सब  उसको  आलसी...

A True Story Of A Divorced Couple

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                   True Story Of A Divorced Couple                 (तलाक शुदा पति पत्नी की सच्ची कहानी)  हेलो दोस्तों, आज मैं आपको एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। ये कोई काल्पनिक कहानी नही है बल्कि एक सत्य घटना है। उम्मीद है कि आप लोगो को पसंद आएगी और जो गलतियां इन दोनों ने की वो आप लोग बिल्कुल भी नही करोगे। ये कहानी लिखने का उद्देश्य भी यही है कि आप लोग भी गुस्से में कोई फैसला लेने से पहले सौ बार सोचे क्योंकि रिश्ता टूटने के बाद ही उसकी अहमियत का पता चलता है।  हुआ यूं कि एक लड़का था , जिसका नाम अनिकेत ( काल्पनिक नाम ) था। उसके घर में मम्मी, पापा,दादी और दो छोटी बहने थी। अनिकेत बचपन से ही शांत स्वाभाव का लड़का था। वो बहुत कम बोलता था । अक्सर लोग उसकी आवाज़ सुनने के लिए तरस जाते थे। बात कम करना , ज्यादा हँसी मज़ाक उसे पसंद नही था। उसके पापा एक सोनार के कारीगर थे। उसके पापा चाहते थे कि अनिकेत भी उनके काम मे उनका हाथ बंटाए लेकिन उसको खेलने से फुरसत कहा थी , जब अनिकेत दसवीं ...